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Monday, February 2, 2015

हजारों साल पहले ऋषियों के आविष्कार, पढ़कर रह जाएंगे हैरान (महर्षि दधीचि, आचार्य कणाद, भास्कराचार्य, आचार्य चरक, भारद्वाज, कण्व, कपिल मुनि, पतंजलि, महर्षि सुश्रुत, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, गर्गमुनि, बौद्धयन)

हजारों साल पहले ऋषियों के आविष्कार, पढ़कर रह जाएंगे हैरान -
असाधारण या यूं कहें कि प्राचीन वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों द्वारा किए आविष्कार व उनके द्वारा उजागर रहस्यों को जिनसे आप भी अब तक अनजान होंगे –

महर्षि दधीचि -
महातपोबलि और शिव भक्त ऋषि थे। वे संसार के लिए कल्याण व त्याग की भावना रख वृत्तासुर का नाश करने के लिए अपनी अस्थियों का दान करने की वजह से महर्षि दधीचि बड़े पूजनीय हुए। इस संबंध में पौराणिक कथा है कि
एक बार देवराज इंद्र की सभा में देवगुरु बृहस्पति आए। अहंकार से चूर इंद्र गुरु बृहस्पति के सम्मान में उठकर खड़े नहीं हुए। बृहस्पति ने इसे अपना अपमान समझा और देवताओं को छोड़कर चले गए। देवताओं ने विश्वरूप को अपना गुरु बनाकर काम चलाना पड़ा, किंतु विश्वरूप देवताओं से छिपाकर असुरों को भी यज्ञ-भाग दे देता था। इंद्र ने उस पर आवेशित होकर उसका सिर काट दिया। विश्वरूप त्वष्टा ऋषि का पुत्र था। उन्होंने क्रोधित होकर इंद्र को मारने के लिए महाबली वृत्रासुर को पैदा किया। वृत्रासुर के भय से इंद्र अपना सिंहासन छोड़कर देवताओं के साथ इधर-उधर भटकने लगे।
ब्रह्मादेव ने वृत्तासुर को मारने के लिए वज्र बनाने के लिए देवराज इंद्र को तपोबली महर्षि दधीचि के पास उनकी हड्डियां मांगने के लिये भेजा। उन्होंने महर्षि से प्रार्थना करते हुए तीनों लोकों की भलाई के लिए अपनी हड्डियां दान में मांगी। महर्षि दधीचि ने संसार के कल्याण के लिए अपना शरीर दान कर दिया। महर्षि दधीचि की हड्डियों से वज्र बना और वृत्रासुर मारा गया। इस तरह एक महान ऋषि के अतुलनीय त्याग से देवराज इंद्र बचे और तीनों लोक सुखी हो गए।

आचार्य कणाद -
कणाद परमाणुशास्त्र के जनक माने जाते हैं। आधुनिक दौर में अणु विज्ञानी जॉन डाल्टन के भी हजारों साल पहले आचार्य कणाद ने यह रहस्य उजागर किया कि द्रव्य के परमाणु होते हैं।

भास्कराचार्य -
आधुनिक युग में धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति (पदार्थों को अपनी ओर खींचने की शक्ति) की खोज का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है। किंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि गुरुत्वाकर्षण का रहस्य न्यूटन से भी कई सदियों पहले भास्कराचार्यजी ने उजागर किया। भास्कराचार्यजी ने अपने ‘सिद्धांतशिरोमणि’ ग्रंथ में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के बारे में लिखा है कि ‘पृथ्वी आकाशीय पदार्थों को विशिष्ट शक्ति से अपनी ओर खींचती है। इस वजह से आसमानी पदार्थ पृथ्वी पर गिरता है’।

आचार्य चरक -
‘चरकसंहिता’ जैसा महत्तवपूर्ण आयुर्वेद ग्रंथ रचने वाले आचार्य चरक आयुर्वेद विशेषज्ञ व ‘त्वचा चिकित्सक’ भी बताए गए हैं। आचार्य चरक ने शरीरविज्ञान, गर्भविज्ञान, औषधि विज्ञान के बारे में गहन खोज की। आज के दौर की सबसे ज्यादा होने वाली डायबिटीज, हृदय रोग व क्षय रोग जैसी बीमारियों के निदान व उपचार की जानकारी बरसों पहले ही उजागर की।

भारद्वाज -
आधुनिक विज्ञान के मुताबिक राइट बंधुओं ने वायुयान का आविष्कार किया। वहीं हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक कई सदियो पहले ऋषि भारद्वाज ने विमानशास्त्र के जरिए वायुयान को गायब करने के असाधारण विचार से लेकर, एक ग्रह से दूसरे ग्रह व एक दुनिया से दूसरी दुनिया में ले जाने के रहस्य उजागर किए। इस तरह ऋषि भारद्वाज को वायुयान का आविष्कारक भी माना जाता है।

कण्व -
वैदिक कालीन ऋषियों में कण्व का नाम प्रमुख है। इनके आश्रम में ही राजा दुष्यंत की पत्नी शकुंतला और उनके पुत्र भरत का पालन-पोषण हुआ था। माना जाता है कि उसके नाम पर देश का नाम भारत हुआ। सोमयज्ञ परंपरा भी कण्व की देन मानी जाती है।

कपिल मुनि -
भगवान विष्णु का पांचवां अवतार माने जाते हैं। इनके पिता कर्दम ऋषि थे। इनकी माता देवहूती ने विष्णु के समान पुत्र चाहा। इसलिए भगवान विष्णु खुद उनके गर्भ से पैदा हुए। कपिल मुनि 'सांख्य दर्शन' के प्रवर्तक माने जाते हैं। इससे जुड़ा प्रसंग है कि जब उनके पिता कर्दम संन्यासी बन जंगल में जाने लगे तो देवहूती ने खुद अकेले रह जाने की स्थिति पर दुःख जताया। इस पर ऋषि कर्दम देवहूती को इस बारे में पुत्र से ज्ञान मिलने की बात कही। वक्त आने पर कपिल मुनि ने जो ज्ञान माता को दिया, वही 'सांख्य दर्शन' कहलाता है।
इसी तरह पावन गंगा के स्वर्ग से धरती पर उतरने के पीछे भी कपिल मुनि का शाप भी संसार के लिए कल्याणकारी बना। इससे जुड़ा प्रसंग है कि भगवान राम के पूर्वज राजा सगर ने द्वारा किए गए यज्ञ का घोड़ा इंद्र ने चुराकर कपिल मुनि के आश्रम के करीब छोड़ दिया। तब घोड़े को खोजते हुआ वहां पहुंचे राजा सगर के साठ हजार पुत्रों ने कपिल मुनि पर चोरी का आरोप लगाया। इससे कुपित होकर मुनि ने राजा सगर के सभी पुत्रों को शाप देकर भस्म कर दिया। बाद के कालों में राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर स्वर्ग से गंगा को जमीन पर उतारा और पूर्वजों को शापमुककिया।

पतंजलि -
आधुनिक दौर में जानलेवा बीमारियों में एक कैंसर या कर्करोग का आज उपचार संभव है। किंतु कई सदियों पहले ही ऋषि पतंजलि ने कैंसर को रोकने वाला योगशास्त्र रचकर बताया कि योग से कैंसर का भी उपचार संभव है।
शौनक :
वैदिक आचार्य और ऋषि शौनक ने गुरु-शिष्य परंपरा व संस्कारों को इतना फैलाया कि उन्हें दस हजार शिष्यों वाले गुरुकुल का कुलपति होने का गौरव मिला। शिष्यों की यह तादाद कई आधुनिक विश्वविद्यालयों तुलना में भी कहीं ज्यादा थी।

महर्षि सुश्रुत -
ये शल्यचिकित्सा विज्ञान यानी सर्जरी के जनक व दुनिया के पहले शल्यचिकित्सक
(सर्जन) माने जाते हैं। वे शल्यकर्म या आपरेशन में दक्ष थे। महर्षि सुश्रुत द्वारा लिखी गई ‘सुश्रुतसंहिता’ ग्रंथ में शल्य चिकित्सा के बारे में कई अहम ज्ञान विस्तार से बताया है। इनमें सुई, चाकू व चिमटे जैसे तकरीबन 125 से भी ज्यादा शल्यचिकित्सा में जरूरी औजारों के नाम और 300 तरह की शल्यक्रियाओं व उसके पहले की जाने वाली तैयारियों, जैसे उपकरण उबालना आदि के बारे में पूरी जानकारी बताई गई है।
जबकि आधुनिक विज्ञान ने शल्य क्रिया की खोज तकीबन चार सदी पहले ही की है। माना जाता है कि महर्षि सुश्रुत मोतियाबिंद, पथरी, हड्डी टूटना जैसे पीड़ाओं के उपचार के लिए शल्यकर्म यानी आपरेशन करने में माहिर थे। यही नहीं वे त्वचा बदलने की शल्यचिकित्सा भी करते थे।

वशिष्ठ :
वशिष्ठ ऋषि राजा दशरथ के कुलगुरु थे। दशरथ के चारों पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न ने इनसे ही शिक्षा पाई। देवप्राणी व मनचाहा वर देने वाली कामधेनु गाय वशिष्ठ ऋषि के पास ही थी।

विश्वामित्र :
ऋषि बनने से पहले विश्वामित्र क्षत्रिय थे। ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय को पाने के लिए हुए युद्ध में मिली हार के बाद तपस्वी हो गए। विश्वामित्र ने भगवान शिव से अस्त्र विद्या पाई। इसी कड़ी में माना जाता है कि आज के युग में प्रचलित प्रक्षेपास्त्र या मिसाइल प्रणाली हजारों साल पहले विश्वामित्र ने ही खोजी थी।
ऋषि विश्वामित्र ही ब्रह्म गायत्री मंत्र के दृष्टा माने जाते हैं। विश्वामित्र का अप्सरा मेनका पर मोहित होकर तपस्या भंग होना भी प्रसिद्ध है। शरीर सहित त्रिशंकु को स्वर्ग भेजने का चमत्कार भी विश्वामित्र ने तपोबल से कर दिखाया।

महर्षि अगस्त्य -
वैदिक मान्यता के मुताबिक मित्र और वरुण देवताओं का दिव्य तेज यज्ञ कलश में मिलने से उसी कलश के बीच से तेजस्वी महर्षि अगस्त्य प्रकट हुए। महर्षि अगस्त्य घोर तपस्वी ऋषि थे। उनके तपोबल से जुड़ी पौराणिक कथा है कि एक बार जब समुद्री राक्षसों से प्रताड़ित होकर देवता महर्षि अगस्त्य के पास सहायता के लिए पहुंचे तो महर्षि ने देवताओं के दुःख को दूर करने के लिए समुद्र का सारा जल पी लिया। इससे सारे राक्षसों का अंत हुआ।

गर्गमुनि -
गर्ग मुनि नक्षत्रों के खोजकर्ता माने जाते हैं। यानी सितारों की दुनिया के जानकार। ये गर्गमुनि ही थे, जिन्होंने श्रीकृष्ण एवं अर्जुन के के बारे नक्षत्र विज्ञान के आधार पर जो कुछ भी बताया, वह पूरी तरह सही साबित हुआ। कौरव-पांडवों के बीच महाभारत युद्ध विनाशक रहा। इसके पीछे वजह यह थी कि युद्ध के पहले पक्ष में तिथि क्षय होने के तेरहवें दिन अमावस थी। इसके दूसरे पक्ष में भी तिथि क्षय थी। पूर्णिमा चौदहवें दिन आ गई और उसी दिन चंद्रग्रहण था। तिथि-नक्षत्रों की यही स्थिति व नतीजे गर्ग मुनिजी ने पहले बता दिए थे।

बौद्धयन -
भारतीय त्रिकोणमितिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। कई सदियों पहले ही तरह-तरह के आकार-प्रकार की यज्ञवेदियां बनाने की त्रिकोणमितिय रचना-पद्धति बौद्धयन ने खोजी। दो समकोण समभुज चौकोन के क्षेत्रफलों का योग करने पर जो संख्या आएगी, उतने क्षेत्रफल का ‘समकोण’ समभुज चौकोन बनाना और उस आकृति का उसके क्षेत्रफल के समान के वृत्त में बदलना, इस तरह के कई मुश्किल सवालों का जवाब बौद्धयन ने आसान बनाया।

Tuesday, January 10, 2012

The new World's Shortest Man announced on June 12, 2011

Filipino declared world's shortest man

Measuring just 59.93 centimetres, or 23.5 inches, Junrey Balawing is the oldest of four siblings - the rest all of normal stature - born in the rural town of Sindangan on southern Mindanao island..

Few Clicks of Filipino....... 





Want More amazing facts of world, Keep in touch with me...
Join this blog now..... :) : ) :  )

Indori Version of Kolaveri di.. Proud to be indore.. Why this kolaveri di indori

Thursday, December 1, 2011

IT version Lyrics of Why this kolaveri di with Gujrati version Video

Why this kolaveri di-My remix In Gujrati  :D


   
                              


IT kolaveri Lyrics:
Dedicated to all my IT proficient friends


Hello boys.. I am singing song.. soup song.. flop song
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di(rthym corrct)
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di(maintain plz)
Why this kolaveri kolaveri kolaveri..adi

Mmmm mmm mmmm
Distance uula bikeu bikeu
bikeu colouruu black uu
Bike-u backseat girluu girluu
girlu coloru whiteuu

Why this kolaveri kolaveri kolaveri di
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di

White-u skinu clientu clientu
Clientu heartu Blacku
Issue u Issue u meet u meet u
My appraisal darku

Why this kolaveri kolaveri kolaveri di
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di

Dialogue1: ”mama.. notes eduthuko.. apadiye kaila KT eduthuko”
Pe pe pe pe
Pe pe pe pe
Sariya reverse KT sollu
Ve ve ve ve ve ve ve ve

Dialogue2:”he he he he.. Super maama super maama.. ready? 1…. 2uu.. 3eee 4”
Pe pe pe pe
Pe pe pe pe
Ve ve ve ve ve ve ve
Dialogue3:” Ok. Maama.. now tune change.. uh?”
Kaila Mouse u(Di:”illa illa only English huh”)
Hand-la mouse uu Mouse la code u
Code u fulla error uu
Empty lifeu project come u
Life reversu gearu
Bug bug u. Oh my bug u
U showed me BOW u
Beer u beer u.. Holy beer u
I want you here now u
God I am dying now u
PM happy how u
This song is for IT guys u
We don’t have choice u

Why this kolaveri kolaveri kolaveri di
Why this kolaveri kolaveri kolaveri di(2)
Why this kolaveri kolaveri kolaveri..di

Sunday, November 27, 2011

Lyrics of Kolaveri Di song Download MP3 - Shruti Hasan starrar Movie -[Male and Female Voice Video +MP3 Download]

(In Male & Female Voice too..

Download MP3 Here

Music Director – Anirudh
Lyrics by – Dhanush
Singers – Dhanush

Actors / Actress – Dhanush, Shruti Haasan, Deva, Siva Karthikeyan, Sunder Ramu

Cinematography – Velraj
Editing by – Kola Bhaskar
Producer – Kasthuri Raja
Director – Aishwarya Dhanush
Year – 2012 (Released on – 14th January 2012)


Why This Kolaveri Di Song Lyrics – 3 Tamil Movie Songs Lyrics

Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?
Rhythm Correct..
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?
Maintain This..
Why This Kolaveri? Di..

Distance’la Moon’nu Moon’nu
Moon’nu Color’ru White’tu
White’tu Background Night’tu Night’tu
Night’tu Color’ru Black’ku
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?

White’tu Skin’nu Girl’lu Girl’lu
Girl’lu Heart’tu Black’ku
Eyes’su Eyes’su Meet’tu Meet’tu
My Future Dark’ku..
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di?

Mama, Notes Eduthuko..
Apdiye Kaila Snacks Eduthuko..
Papapa Papapapa Papapa Pa Pa..
Seriya Vaasi..
Super Mama Ready.. Ready 1 2 3 4..
What A Change Over Mama..
Ok Mama.. Now Tune Change’ju..

Kaila Glass’su.. Only English’sa..
Hand’la Glass’su
Glass’la Scotch’chu
Eyes’su Full’la Tear’ru
Empty Life’fu, Girl Come’mu
Life’fu Reverse’su Gear’ru
Love’vu Love’vu Oh My Love’vu
You Show To Me Bow’vu
Cow’vu Cow’vu Holy Cow’vu
I Want You Here Now’vu
God I am Dying Now’vu
She Is Happy How’vu?
This Song’gu For Soup Boys’su
We Don’t Have Choice’su

Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di
Why This Kolaveri Kolaveri Kolaveri Di

 

         In Female Voice too.. Have a look here..






For Gujrati Version of this song Click Here

 
NR007




Saturday, September 3, 2011

Ganesh Mantra on Ganesh Utsav





Mushikavaahana modaka hastha,
Chaamara karna vilambitha sutra,
Vaamana rupa maheshwara putra,
Vighna vinaayaka paada namasthe.

It means:

O Lord Vinayaka! The remover of all obstacles, the son of Lord Shiva, with a form which is very short, with mouse as Thy vehicle, with sweet pudding in hand, with wide ears and long hanging trunk, I prostrate at Thy lotus-like Feet! 




Monday, June 6, 2011

Lyrics of Bavra Mann- Hazaron Khwaishen Aisi


Bavra Mann- Hazaron Khwaishen Aisi ……English
Bavra Mann- Hazaron Khwaishen Aisi

Sun in the earth.. sunflower
Bird in the air ...rain
Eye within eye... daybreak

bavra mann dekhne chala ek sapna ..

Streets we have never walked on
Windows we have never opened
Hands we have never held
Dreams we shall never ..never see again

bavra mann dekhne chala ek sapna ..
bavrese mann ki dekho bavri hain baatein
bavrisi dhadkane hain bavri hain saanse

Sun in the earth.. sunflower
Bird in the air ...rain
Eye within eye... daybreak

Lives we have never lived
Hopes ..we have never realized
Fires we have never lit
Loves we shall never .. never make again

Sun in the earth sunflower
Bird in the air rain
Eye within eye daybreak

bavra mann dekhne chala ek sapna ..

Sun in the earth sunflower
Bird in the air rain
Eye within eye daybreak

I hear those strange whispers again.....

Friday, June 3, 2011

Web service in asp.net

For more enjoy your internet surfing with google please activate sidewiki in your google profile..........
I have written an article on web services in side wiki Please check it out.
for go to article please click below........
 
Web Services

Tuesday, May 31, 2011

True Love

It is very hard to find a true in life but once you find it, You should have to respect it.

 Love require not show a lot of love to your love once but it require Respect to your lover more than Love.



Kisi ne Kya khub kaha hai...


Kaash Humko Bhi Aisa Hunar aa jata
Yaa kuch unko hi Khuda sabar aa jata

YouN Tootte nahi ummidoN ke  patte
Gar Be mousam shakh par safar aa jata

Jaagta nahi maiN phir siyaa raatoN meiN
Chand mera mujhko gar nazar aa jata

Shayad nahi karta faryaad dil mera
Gar meri duaa meiN bhi asar aa jata
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